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Coronavirus Vaccine टीकाकरण 13 जनवरी से शुरु : Vaccine लगवाने से पहले जान ले ये बहुत जरूरी बातें ........

January 10, 2021 Add Comment

देश में कोरोना (Corona In India News) के घटते मामलों के बीच कोरोना वैक्सीन (Covid-19 Vaccine Updates) दिए जाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 3 जनवरी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) की तरफ से सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के टीका कोविशील्ड और स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन को मंजूरी दी जा चुकी है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि 10 दिन के भीतर यानी 13 जनवरी से वैक्सीन लगाने की शुरुआत की जा सकती है।

    
Corona Vaccine Updates: 13 जनवरी से लग रही वैक्सीनः लगाने से पहले ये 10 बातें जरूर जान लीजिए


ऐसे में लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ये किसको वैक्सीन लगेगी, इसके लिए क्या रजिस्ट्रेशन कराना होगा? वैक्सीन की कितनी डोज लगेंगी? वैक्सीन के लिए क्या पैसे भी देने होंगे? 13 तारीख से वैक्सीन लोगों को लगना शुरू हो जाएगा। DGCI ने कोवीशील्ड और कोवैक्सीन (Covaxin News) को मंजूरी दी है। कोवैक्सीन को DGCI ने आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। हालांकि, कोवैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस समेत कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है।

पहले किसे लगेगी कोरोना वैक्सीन

भारत सरकार की तरफ से इसके लिए प्रायोरिटी ग्रुप का चयन किया गया है। सरकार तीन चरणों में टीका लगवाएगी। पहले चरण में सभी फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स व हाई रिस्क डेथ वाले और दूसरे चरण में इमरजेंसी सर्विसेज से जुड़े लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। तीसरे चरण में उन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी जो गंभीर बीमारियों के शिकार हैं। इसके लिए कई राज्यों ने अपने यहां स्वास्थ्यकर्मियों की लिस्ट भी तैयार कर ली है। उदाहरण के लिए ओडिशा राज्य में स्थानीय प्रशासन ने तीन लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की लिस्ट बनाई हुई है।


कितने लोगों को लगेगा टीका


भारत सरकार का लक्ष्य जुलाई 2021 तक 30 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन देने का है। इसे विश्व का 'सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान' भी कहा जा रहा है। भारत में कोविड-19 के एक्टिव मामलों में तेजी से कमी आई है। यह संख्या 2,31,036 रह गई है, जो अभी तक के कुल संक्रमितों का 'महज' 2.23 फीसदी है।



रजिस्ट्रेशन के लिए क्या होगा जरूरी


कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के लिए निम्नलिखित में से कोई भी एक डॉक्यूमेंट दिखाना होगा।


आधार कार्ड


ड्राइविंग लाइसेंस


हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड


मनरेगा जॉब कार्ड


पैन कार्ड


बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक


पासपोर्ट


पेंशन डॉक्यूमेंट


केंद्र, राज्य व पीएयू कर्मचारियों का आई कार्ड


वोटर आईडी



क्या रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी


कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी लाभार्थियों का ब्यौरा को-विन (Co-WIN)कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम ऐप पर अपलोड हो। ऐसे में आपको इस ऐप पर रजिस्टर कराना होगा। हेल्थ वर्कर्स और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को खुद को रजिस्टर्ड कराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनका डाटा बड़े पैमाने पर को-विन वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम में फीड है।



वैक्सीन पर कितना खर्च आएगा


कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि सरकार निशुल्क टीकाकरण के लिए टीके का खर्च वहन करेगी। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार के लिए, कोविड वैक्सीन प्रति डोज 3 से 4 डॉलर होगी। प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगाई जाएंगी। इसलिए 6 डॉलर (440 रुपये प्रति व्यक्ति) की वैक्सीन पड़ेगी। हालांकि पूनावाला ने कहा कि बाजार में इसकी कीमत लगभग 700-800 रुपये होगी।



क्या सभी को लगवानी होगी वैक्सीन?


ऐसा नहीं है। कोरोना वैक्सीन लगवाना पूरी तरह से आपकी मर्जी पर निर्भर है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि खुद की सुरक्षा के लिए वैक्सीन की पूरी डोज लेना जरूरी है। इसकी वजह है कि इस बीमारी का संक्रमण एक व्यक्ति से उसके परिवार के सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदारों और काम करने वाले सहयोगियों में ना हो।



क्या देश में और वैक्सीन भी आएंगी?


हां, अभी तक सिर्फ दो वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दी गई हैं। लेकिन अभी कई कंपनियां वैक्सीन पर काम कर रही हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब से तीन से चार महीने बाद अन्य टीके भी उपलब्ध होंगे और तब भंडार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि तब वैक्सीनेशन प्रोग्राम में अधिक तेजी लायी जा सकती है।



वैक्सीन की कितनी खुराक है उपलब्ध

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) अब तक ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका कोविड-19 टीके की करीब पांच करोड़ खुराक का उत्पादन कर चुकी है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि उसका लक्ष्य मार्च तक 10 करोड़ खुराक के उत्पादन का है। अगर मामलों में बढ़ोतरी होगी तो देश में वैक्सीन के बड़े डोज की जरूरत होगी।


कैसे मिलेगी वैक्सीन लगवाने की जानकारी

सरकार की तरफ से प्रायोरिटी ग्रुप का चयन किया गया है। यदि आप उस प्रायोरिटी ग्रुप में शामिल हैं तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिये आपको सूचना दी जाएगी। इसके साथ ही यह बताया जाएगा कि आपको वैक्सीन कहां दी जाएगी। इसके अलावा आपको वैक्सीन का पूरा शेड्यूल भी बताया जाएगा।


वैक्सीन लगवाने पर कोई साइड इफेक्ट्स हुआ तो

कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद किसी भी तरह का साइड इफेक्ट्स होने पर रियल टाइम रिपोर्टिंग का प्रोविजन है। अन्य फीचर्स में 12 भाषाओं में टेक्स्ट मैसेज, 24X7 हेल्पलाइन, चैट बोट असिस्टेंट भी उपलब्ध रहेगा। वैक्सीनेशन को लेकर 700 से अधिक जिलों में 90 हजार से अधिक लोगों को ट्रेंनिंग दिया जा चुका है।

जानिए क्यों किसान कृषि बिल का विरोध कर रहे हैं........

November 27, 2020 Add Comment

 Reasons why Punjab and Haryana Farmers Opposing the Agriculture Bill 2020 :


1. The Farmers' Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020 (कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) एक्ट, 2020)

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यह कानून मंडी सिस्टम को बायपास करता है, और मंडियों से बाहर कहीं भी उत्पाद बेचने की छूट देता है। इसमें यह भी लिखा है कि बाहर खरीदने/बेचने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा जो मंडियों में लगता है। इस से सभी आढ़ती मंडियों से बाहर खरीदने लगेंगे और धीरे धीरे मंडी खत्म हो जाएगी। मंडियों के खत्म होने से न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP भी अपने आप अप्रासंगिक हो जाएगा। हमारी मांग है कि सरकार कानून लाये कि मंडी या मंडी से बाहर MSP से नीचे खरीद गैरकानूनी होगी।
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2. The Farmers (Empowerment and Protection) Agreement of Price Assurance and Farm Services Bill, 2020 (कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार एक्ट, 2020
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यह कानून कॉन्ट्रेक्ट खेती के लिए लाया गया है। वैसे इसमे अच्छी बात ये है कि किसी भी एग्रीमेंट में प्रॉपर्टी ट्रांसफर नहीं होगी। खराब बात ये है कि ये विवाद के मामले में किसानों को सिविल केस दायर करने से रोकता है, एग्रीमेंट वायलेशन होने पर मामलों की सुनवाई एसडीएम करेगा जिसकी अपील डीएम के पास होगी। किसानों का डर है कि ये एग्रीमेंट फसल बीमा के एग्रीमेंट की तरह हो सकते है, जिनमे बड़ी कंपनियां अफसरों के साथ मिलकर किसान को परेशान करेगी।
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ये किसान को उसकी जमीन पर बंधुआ भी बना सकता है। मान लो कंपनी ने किसान से करार किया कि आप ये फसल बोनी है, हम इसको इस रेट पर खरीदेंगे, इसकी क्वालिटी ऐसी होनी चाहिए। तो इनमें इस तरह के केस आ सकते है जैसे क्वालिटी कम होने पर कंपनी पूरे पैसे नहीं देगी क्योंकि क्वालिटी कम होना एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन हो जाएगा। अगर कंपनी ने एडवांस में पैसा दे रखा होगा तो कंपनी किसान को अगली फसल के लिए भी बाध्य कर सकती है , क्योंकि कंपनी का पहले का पैसा किसान दे नही पायेगा , इस हालत में वो मज़बूरी में अगली फसल का कॉन्ट्रेक्ट कर लेगा तो इनके ऋण के चक्कर मे फंस जाएगा। ऐसे में अपने पैसे की वसूली के लिए कंपनी सिविल वाद ले आएगी और जमीन नीलाम करवा देगी।
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इसलिए हमारी डिमांड है कि इसमें किसानों को ज्यादा सुरक्षा के प्रावधान किये जायें, ताकि वो बड़ी बड़ी कंपनियों के सामने कानूनी तौर पर मज़बूती से खड़ा रह सके। उसके लिए मुफ़्त कानूनी सहायता का प्रावधान हो। ऋण से भी सुरक्षा प्रदान की जाए। फसल की क्वालिटी एग्रीमेंट के हिसाब से न होने पर, नुकसान का हिस्सा कंपनी भी उठाएं, ऐसे जरूरी प्रावधान किए जाए। क्योंकि एग्रीमेंट के लिए किसान के पास न तो कानूनी जानकारी होती है जो वो एग्रीमेंट के टर्म अपने हिसाब से लिखवा सके। कंपनियों के पास लीगल एक्सपर्ट होते है। इसलिए किसान को पहले से ही ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है।
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3. Essential Commodities Amendment Act 2020 (जरूरी वस्तु संसोधन अधिनियम 2020)
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ये तीसरा कानून आनाज , दाल आदि रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी को छूट देता है। इसको किसानों के लिए बताया जा रहा है, जबकि हम सबको पता है किसान अभी भी स्टॉक कर सकता था, पर उसकी हालत मजबूरी ऐसी है कि वो स्टॉक कर ही नही सकता। इसलिए ये कानून बड़े धन्ना सेठों को जमाखोरी की छूट देगा जिससे वे मार्केट में इन चीजों की कमी करके रेट बढ़ाएंगे। और मुनाफा कमाएंगे। इस से हर गरीब और मध्यम वर्ग को नुकसान होगा।
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उम्मीद है इब सबकै समझ मै आगी होगी पूरी कहाणी...


Jio + PUBG : PUBG comeback this date...

September 23, 2020 1 Comment
Jio + PUBG : PUBG comeback this date...

Report: Reliance in Talks to Publish PUBG MOBILE in India

PUBG MOBILE may be unavailable in India right now but the owners of the popular battle royale game are reportedly in talks to resurrect it in the region.

The Indian Government’s decision to ban PUBG MOBILE in the country has been the major story from the subcontinent over the last few weeks, particularly due to the impact the title had on the region. Not only was India the biggest market for it, but the virality of the title led to the establishment of a solid esports ecosystem that attracted the likes of Fnatic and TSM to set up camp in the country.  

With India’s esport industry built largely on the back of PUBG MOBILE’s popularity, the ban has left a massive gap in the community with streamers, professional players, tournament organizers, and fans all wondering what is to come next. 

India’s ban on the Tencent-published title comes amidst escalating tensions between India and China and an increased scrutiny towards Chinese tech products and investments in the country. While Indian authorities have cited user security and data privacy concerns in their official statements, there is a case to be made that this is part of a larger move to apply political pressure on China. A week after the ban, PUBG Corp. announced that it would be taking over the publishing rights for the game in India as a way to distance the title from China. However, there has been no news of the game being unbanned since then. 


It became increasingly obvious that PUBG Corp. would require an Indian partner to help with the execution and logistics of operating a game in a region with more than 33M active players. Recent reports across various Indian media outlets suggest that PUBG Corp is in talks with Reliance for the same. A Business Today article reported that Reliance was in talks with PUBG Corp. to serve as partners to help bring back the game to the region. The report went as far as to say that the discussions were in an “advanced stage” with the two companies negotiating revenue share and plans for localization. 

The news is strengthened by the fact that Reliance chairman, Mukesh Ambani spoke highly about the gaming industry in a conversation with Microsoft CEO, Satya Nadella at a summit in Mumbai, earlier this year. He believes that the gaming industry will be bigger than the film, television, and music industries put together. While India was the biggest market for PUBG MOBILE in terms of player base, it wasn’t the market that generated the largest amount of revenue for the title. However, the country has one of the youngest demographics in the world and rapidly improving internet and tech infrastructure, making it one of the fastest-growing gaming markets in the world. 

जानिए नई शिक्षा निती में क्या बदलाव हुए । 10 वीं कक्षा का बोर्ड खत्म हुआ या नहीं ?

July 29, 2020 Add Comment

NEP: स्कूली शिक्षा में 10+2 खत्म, 5+3+3+4 की नई व्यवस्था होगी लागू


केंद्र की मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, इसे समझें.


 ADS अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है. इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा. इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12). 


इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं. नई श‍िक्षा नीति के कुछ खास प्वाइंट्स 

-शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर. 

-प्रत्येक छात्र की क्षमताओं को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी. 

-वैचारिक समझ पर जोर होगा, रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को बढ़ावा मिलेगा.

 -छात्रों के लिए कला और विज्ञान के बीच कोई कठिनाई, अलगाव नहीं होगा. 

-नैतिकता, संवैधानिक मूल्य पाठ्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होंंगी. नई शिक्षा नीति के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलू 

-2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूशन बनाना होगा जिसमें 3000 से अधिक छात्र होंगे. 


-2030 तक हर जिले में या उसके पास कम से कम एक बड़ा मल्टी सब्जेक्ट हाई इंस्टिट्यूशन होगा. 

-संस्थानों का पाठ्यक्रम ऐसा होगा कि सार्वजनिक संस्थानों के विकास पर उसमें जोर दिया जाए. 

-संस्थानों के पास ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने का विकल्प होगा. 

-उच्चा शिक्षा के लिए बनाए गए सभी तरह के डीम्ड और संबंधित विश्वविद्यालय को सिर्फ अब विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाएगा. 

-मानव के बौद्धिक, सामाजिक, शारीरिक, भावनात्मक और नैतिक सभी क्षमताओं को एकीकृत तौर पर विकसित करने का लक्ष्य. 

नई शिक्षा नीति में संगीत, दर्शन, कला, नृत्य, रंगमंच, उच्च संस्थानों की शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे. स्नातक की डिग्री 3 या 4 साल की अवधि की होगी. एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगी, छात्रों के परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड इकट्ठा किया जाएगा. 


2050 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 फीसदी शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल होना होगा. गुणवत्ता योग्यता अनुसंधान के लिए एक नया राष्ट्रीय शोध संस्थान बनेगा, इसका संबंध देश के सारे विश्वविद्यालय से होगा.

VOCAL FOR LOCAL: LIST OF INDIAN PRODUCTS VS FOREIGN PRODUCTS

June 02, 2020 Add Comment
VOCAL FOR LOCAL: LIST OF INDIAN PRODUCTS VS FOREIGN PRODUCTS

VOCAL FOR LOCAL: LIST OF INDIAN PRODUCTS VS FOREIGN PRODUCTS

Recently, Our Honourable PM Shri Narendra Modi suggested us to support and encourage Indian Products. When he addressed the nation, he highlighted the importance of encouraging the self-reliant economy in the wake of the CORONAVIRUS PANDEMIC. He gave ‘Aatm Nirbhar’ or Self-reliance word to make the Indian economy stronger. he mentioned the importance of the local economy, and a phase was highlighted “Be Vocal for Local.” We made a list of Made in INDIA brands which you can consider while buying new things. List of Indian Products includes Made in India products. After that check out Indian Products Vs Foreign Products list.

List of Indian Products

Firstly, here is a list of Made in India brands arranged in different categories. We have also inserted a table below. So you can easily have a quick look at all brands. Both foreign and Indian brands offer quality products. Most importantly, some of the Indian products use herbal/ayurvedic ingredients. For instance, Patanjali Dant Kanti. So, those are beneficial for health. Also, local products are usually less expensive compared to foreign products.

Soap

There are foreign brands like Liril, Pears, Lifebuoy, which are not Indian brands. There are many India Brands which makes herbal soaps as well. The list is as follow.

  • Medimix, Santoor, No. 1, Cinthol, Margo, Himalaya, Patanjali Soaps, Mysore, Nirma

Battery

We have brands like Eveready and Duracell of batteries. The Indian brands are as follow.

  • Nippo, Godrej GP

Automobiles

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The profit from the Auto industry plays a significant role in India’s GDP. Indian market is filled with various Indian as well as foreign brands. Tata, Bajaj, Mahindra, Hero, TVS and more are Indian Automobiles Giant. Some of the parts are imported from overseas, but manufacturing is mainly done in India. In conclusion, Indian Automobiles helps to grow the economy.

Soft Drinks

Brands like Pepsi and Coke are foreign-based. Most of the cold drinks we consume are foreign brands, but We have India Alternatives For Foreign Products Frooti, Maaza, Paper Boat and Real. So, these soft drinks brands are good for Vocal for Local.

Dairy Products and Ice cream

Amul is a dairy product giant in India. Made in India Amul products are also being exported to other countries. Parle and Britania are Indian Biscuits brands. For the Ice cream need, there are India brands like Vadilal, Amul, Havmor. Not just these, we can use local dairy products to support Vocal for Local.

Cafe

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Starbucks, Costa Coffee, McDonald’s are some foreign Cafe brands. If we talk about Made In India Alternatives For Foreign Products then CCD, Coffee roaster, Blue Tokai, KC Roasters comes in mind.

Skincare Products

Foreign skincare brands such as L’oreal, Pond’s, Nivea, Garnier are popular in the Indian market. There are some excellent quality products from Made in India brands like Vicco, Himalaya, Roop Mantra, Lotus, Shahnaz Hussein, and Biotique. Moreover, Skincare products include Facewash, scrubs, cream and more.

Toothpaste

Brands like Pepsodent, Oral-B, Colgate. Sensodyne are some foreign toothpaste brands. There are several Indian brands Patanjali Dant Kanti, Dabur Red, Babool, Amar, Meswak uses Aayurvedik ingredients and comparatively less expensive. So, using such products is beneficial.

Shaving Cream

In Indian Market there are several foreign brands like Axe, Gillette is leading in Shaving Cream. The following brands are Made in India. Therefore, to support Vocal for Local, we can consider buying products of these brands.

  • Vicco, Godrej, Vi-John, Park Avenue

Washing Powder

Washing powder brands like Ariel, Wheel, Vanish, Surf Excel and Tide are popular. But there is some less expensive and good quality Made In India Alternatives For Foreign Products. The following brands are Indian brands, therefore, you can consider buying it.

Ujala, Fena, Saras, Hipolin, Ghadi, Nirma

Pain Relief

Moov and Iodex are foreign Pain relief. You can use the following Indian brands to support Vocal for Local.

  • Volini, Himani Fast Relief

Hair Color

Garnier and L’oreal are famous hair colour brands. There are many Indian brands which are less expensive, and some of them are herbal as well—the list as follows. So, these are Made in India brands.

  • Neha, Streax, Godrej, Color Mate, Corlin, Indica

Talcum Powder

We use talcum powder daily. There are many Indian and foreign brands in the market. If we talk about international brands, then Dermi Cool, Nivea and Pond’s are well known. If we talk about Indian brands then they are as follow.

  • Eva, Fa, Cinthol, Spinz, Boro Plus Ice, Navratna

Indian Products Vs Foreign Products

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By using our local products, we can support Vocal for Local campaign. Not just that, but for the Aatm Nirbhar India, it is very necessary to use local products to support the economy. So, here is a table in which we have listed Indian as well as foreign brands, so you can easily have a quick look at them.

PRODUCTSINDIAN BRANDSFOREIGN BRANDS`
Tooth PasteVicco Vajradanti, Baidhyanath, Choice, Neem, Anchor, Dabur Red, Meswak and Babool, Promise, Dant Kanti / Dant Manjan (Patanjali), BabulColgate, Closeup, Pepsodent, Aim, Cibaca, Aqua fresh, Amway, Oral B
Bathing soapMedimix, Neem, Nima, Jasmine, Mysore Sandal, Cinthol (Godrej), Fair Flow, Ganga, Wipro, Park Avenue, Kaya Kanti Aloe Vera, Santoor, Nirma, Swastik, Wipro Sikakai, PatanjaliLux, Liril, Lifebuoy, Denim, Dove, Revlon, Pears, Rexona, Hamam, OK, Ponds, Dettol, Palmolive, Amway, Johnson Baby
Shaving Cream and Shaving BladesPark Avenue, V-John, Balsara, Godrej, Topaz, Gallant, Supermax, Premium, Godrej, Emami, SuperOld Spice, Palmolive, Ponds, Gillette, Erasmic, Denim, 7 O’clock
Ready

Made Garments

Cambridge, Park Avenue, Oxemberg, Bombay Dyeing, Ruf & Tuf, Trigger Jeans. Killer Jeans, Peter England, Mafatlal, Trend, Cambridge, Prolin, TT, Lux, Amul, VIP, Rupa, Raymond, Park AvenueWrangler, Nike, Adidas, Newport, Reebok Puma

 

WatchesTitan, Maxima, Prestige, Ajanta, TATA: Fastrack, Sonata.Rado, Rolex, Swissco, Seiko, Citizen
Pens / PencilsSharp, Cello, Wilson, Today, Ambassador, Linc, Montex, Stic, Sangeeta, Luxor, Apsara, Camel, Natraj, KingsonParker, Nicholson, Rotomac, Swissair, Add Gel, Rider, Mistubishi, Flair, Uniball, Pilot, RollGold
Cold DrinksRooh Afza, Rasna, Frootie, Appy, Jumpin, Sherbets, Onjuice, Riro, Pingo, Frooti, Aswad, Dabur, Mala, RogersCOCA-COLA (Coke, Fanta, Sprite, Thums Up, Gold Spot, Limca), PEPSI (Leher, seven up, Mirinda, Slice) Team Citra Crush, McDowell, Kissan, Nestle
Tea/Coffee and Ice CreamSociety, Duncan, Brahmaputra, Tej, Tate café, Tate Tetley, Girnar, Wagh Bakri, Divya Peya, Nutrine, Shangrila, Champion, Ampro, Parle, Vita, Indian Café, Amul, Sagar, Vadilal, Havmor, MotherLIPTON (Tiger, Green Label, Yellow Label, Cheers), Brooke Bond (Red Label, Taj Mahal), Godfrey, Polson, Goodricke, Sunrise, Nestle, Nescafe, Rich, Bru

NESTLE, Dollops, Baskin Robins, Cadbury

Indian Products Vs Foreign Products

Biscuits / chocolatesParle, Bakemans, Creamica, Priyagold, Anmol, Shangrila, Amul, Ravalgaon, Britannia, PatanjaliCadbury (Bournvita, 5 star) Lipton, Horlicks, Nutrine, Ecclaires, Nestle Milk Chocolates
WATERBisleri, Bailley, Kingfisher, Yes, Ganga, Himalaya, Catch, Rail NeerAquafina, Kinley, Bailey, Pure Life, Evian, Sein Pilgrimo, Parrier etc
TonicsNutramul, Maltova, Chyavan Prash, Amrit Rasayan, Badaam Paak.Boost, Polson, Bournvita, Horlicks, Complain, Spurt, ProtineX. All health tonic made by groundnut Khali

 

Electrical ProductsVideocon, BPL, Wipro, Onida, ORPAT, Oscar, Nelco, Keltron, Cosmic, TVS, Godrej, Crown, Bajaj, Usha, Polar, Anchor, Surya, Orient, Cinni, Tullu, Crompton, Loyds, Blue Star, VoltasLG, Samsung, Phillips, Sansui, Hyundai, Sony, Toshiba, Hitachi, Haier, Akai
 

Mobile service provider

 

Airtel, Orange, Tata, Reliance, Idea, BSNL, MTNL

Aircel, Vodafone, Do-co-mo, Uninor (Indian+ foreign),
FootwearLakhani, Liberty standards, Action, Paragon, Flash, Carona, Welcome, Rexona, Relaxo-Sparx, Lotus, Red tape, Finix, Wiring, Billy, CarnobaAdidas, Nike, Puma, Bata, woodland.
Auto-mobileTATA, Mahindra, Hindustan Motors, Eicher, Enfield, Bajaj, Hero, Swaraj, TVS etc.Maruti-Suzuki (49% Indian+51% Japan), Hyundai, GM-Chevrolet, Ford, Nissan, Raunalt, Honda, Yamaha, Suzuki

So, this is a list of Indian Products Vs Foreign Products. So, one can support Vocal for Local campaign by buying products from Made in India brands.

Stay tuned with JAT'S WORLD 


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