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Harsh Beniwal - Age , GF , Qualifications and More | Full Biography

February 02, 2021 Add Comment
Harsh Beniwal Age, Height, Girlfriend, Weight, Biography & More


Harsh Beniwal is a Youtuber from Delhi, India. He was born on 13 February 1996 at Delhi, India. Harsh Beniwal completed his graduation (B.C.A) from Shree Aurobindo College.




Harsh Beniwal Youtube Channel Name is “Harsh Beniwal”. He has more than 7.2 Million ( in Jan,2020) Subscribers. Check out the table to know more about Harsh Beniwal.


Harsh Beniwal vines & Harsh Beniwal videos
Harsh Beniwal Biography
Nickname :            Not Know
Date of Birth :       13 February 1996
Age (as 2021) :     25 Years
Nationality :           India
Place of Birth :      Delhi, India
Religion  :               Hinduism

Physical Stats

Height :        5 Ft 5″ (165 cm) approximately
Weight :        65 Kg approximately
Hair :             Black
Eye Color :    Dark Brown

Family & Personal Life

Father :        Not Know
Mother:        Not Know
Sister   :     1
Brother :       Not Know
Girlfriends/Affairs : Pratishtha Sharma
Marital Status :    Unmarried
Wife/Spouse   :    N/A 
Favorite Actor :    Varun Dhavan 
Favorite Actresses :                            Deepika Padukone       
Food :         Italian, Chinese
Hobbies :  Hanging out with friends, Gymming, Watching Films

Career & Net Worth

Profession :      Actor & Viner 
Net Worth (2020) :  Rs.50 Lakhs – Rs.80 Lakhs (approximately)
Famous For :                                      Youtuber & Instagrammer

Harsh Beniwal Age, Height, Girlfriend, Weight, Biography & More

Harsh beniwal is famous for his Youtube channel. Harsh Beniwal height is 5 Feet 5 Inches and his weight is 65Kg. Harsh Beniwal age is 25 Years as of 2021. Harsh Beniwal Girlfriend name is Parthishtha Sharma .

Harsh Beniwal Instagram – https://www.instagram.com/harshbeniwal/?hl=en


जाट समाज - जो अब महाराष्ट्र का गर्व है।

November 06, 2020 Add Comment

महम चौबीसी से तो हम सभी परिचित हैं, ये जाटों के 24 गाँवों की खाप है जिसमें सह-जातियाँ भी सम्मिलित होती हैं। लेकिन जाट बाईसी का नाम बहुत कम लोगों ने सुना होगा । जाट बाईसी पूरी ऐतिहासिक घटना पर आधारित है। बम्बई से 180 कि. मी. दूर महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले की मालेगांव तहसील में जाटों के इकट्ठे छोटे-छोटे 22 गाँव हैं।
पानीपत की तीसरी लड़ाई में पेशवा ब्राह्मण व मराठे लगभग 4 हजार परिवार अपने साथ लाये थे। जब लड़ाई में इनकी हार हुई तो कुछ परिवार मारे गये और बचे-खुचे परिवारों ने भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल के राज क्षेत्र व किलों में पनहा ली थी। महाराजा सूरजमल ने कड़कती सर्दी (जनवरी 1761) में इनको पूरे अतिथि सत्कार के तहत घायलों आदि की देखभाल की तथा इन परिवारों को इनके घरो तक सकुशल पहुंचाने के लिए अपनी सेना के रोहतक व हिसार जिले के जाट सिपाही साथ भेजे जो उन्हें बड़ी इज्जत और सम्मान के साथ वहाँ उनके घरों तक ले गये, जो उस समय किसी भी कल्पना से परे था।


महाराजा सूरजमल और रानी किशोरी की शानदार मेहमानबाजी तथा इन हरियाणवी सिपाहियों की जिन्दादिली इंसानियत पर मराठा समाज कायल हो गया और इस समाज ने ऐसे नेक सिपाहियों, जिनकी शादियां नहीं हुई थी, को अपनी बेटियां देकर अपनी जम़ीन पर बसाने का फैसला लिया। समय अपनी गति से चलता रहा और आज लगभग 250 वर्ष बाद इनके 22 गाँव आबाद हो गये जो आज किसानी करके अपना निर्वाह करते हैं। इनके साथ भी वही हुआ जो आन्ध्रप्रदेश के गोलकुण्डा किले के विजेताओं के साथ हुआ या हो रहा है। क्या विश्व के इतिहास में ऐसा कोई दूसरा भी उदाहरण हैं? महाराजा सूरजमल की आलोचना करनेवालों के मुंह पर यह एक तमाचा है।
यहाँ के तोखड़ा गाँव में फिल्म अभिनेता व नेता धर्मेन्द्र जी ने अपनी माता सन्तकौर देवी के नाम हाई स्कूल बनवाया है। धर्मेन्द्र जी ने मुम्बई महानगर में पहली बार जाट सभा व जाट भवन की स्थापना की जिस पर जाट जाति को गर्व होना चाहिए।
इन जाटों के गोत्र हैं - मान, जाखड़, सिहाग, सहरावत, दहिया, बिजानियां, झिंझर, नीमड़िया, रांगी, रंधावा ,पूनिया, गिल, बैनीवाल और सांगवान (70 परिवार) आदि, इस जाट बाईसी के वर्तमान में चौ. धनसिंह सहरावत प्रधान हैं जिनका पता हैं:- गाँव - नारादाना, डाकखाना - कलवाड़ी, तहसील - मालेगांव जिला नासिक (महाराष्ट्र राज्य) (एक शोध प्रयास - लेखक)।

Jat World 💪💪
Jats world

हरियाणा के जीन्द से उठा ये लड़का । आज दुनिया में गुँजता है नाम ...........

October 22, 2020 Add Comment


भारतीय क्रिकेट टीम के युवा युज्वेंद्र चहल का जीवन सफ़र | Yuzvendra Chahal Biography and Journey to team india

आज हम आपके लिए लाये है एक ऐसे इन्सान की कहानी जिसने भारतीय क्रिकेट टीम में आते ही तहलका मचा दिया. भारतीय टीम में एक नई उर्जा को स्थापित किया. जी हाँ, दोस्तों हम बात कर रहे है युज्वेंद्र चहल की, जिन्होंने भारतीय टीम में आते ही अपने करियर को बुलंदी पर पहुँचा दिया. तो चलिए शुरू जानते है उनके बारे मे.

युज्वेंद्र चहल का जीवन परिचय (Yuzvendra Chahal Biography in hindi)

युज्वेंद्र चहल का जन्म 23 जुलाई 1990 को जींद, हरियाणा में एक मध्यम वर्ग परिवार में हुआ था. उनके पिताजी के.के.चहल पेशे से वकील है और उनकी माँ एक घरेलु महिला है. युज्वेंद्र परिवार में सबसे छोटे है उनकी 2 बड़ी बहनें है जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है.

Yuzvendra Chahal Biography, story, lifestyle


यदि हम युज्वेंद्र चहल की पढाई को लेकर बात करे तो उन्होंने अपनी पढ़ाई जींद के ही DAVC पब्लिक स्कूल से पूरी हुई. युज्वेंद्र का मन पढाई में बिलकुल नहीं लगता था लेकिन वह क्रिकेट और चेस को बहुत पसंद करते थे. इसीलिए मात्र 7 साल की उम्र में ही उन्होंने चेस खेलना शुरू कर दिया और साथ ही क्रिकेट खेलने की भी शुरुवात की.

युज्वेंद्र चहल और शतरंज (Yuzvendra Chahal and Chess)

देखते ही देखते वह अपने जूनून और कठिन परिश्रम के कारण वह अपने ही क्षेत्र के चेस मास्टर को मत देने लगे. इसी वजह से उन्हें मात्र 10 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर शतरंज में अपना जौहर दिखाने का मौका मिला. जहां उन्होंने 2002 में राष्ट्रीय स्तर पर की जाने वाली बाल चेस प्रतियोगिता को जीत कर चैंपियन होने का ख़िताब अपने नाम किया. ये उनकी पहली राष्ट्रीय चैंपियन ट्रॉफी थी.

Yuzvendra Chahal Biography, story, lifestyle

इस ख़िताब की वजह से पहली बार उन्हें अन्तराष्ट्रीय स्तर पर ग्रीस में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में भारत के लिए खेलने का मौका मिला. इसके आलावा युज्वेंद्र अंडर 16 नेशनल चेस चैंपियनशिप का भी हिस्सा रह चुके है.

युज्वेंद्र चहल और क्रिकेट (Yuzvendra Chahal and Cricket)

वर्ष 2006 में उनके करियर का सबसे ख़राब दौर आया उन्हें अपने चेस गेम के लिए स्पोंसर मिलना बंद हो गये. उनके सामने सबसे बड़ी विपदा आई वो थी पैसा. चेस ऐसा खेल था जिसमे उनका हर साल 50 से 60 हजार सालाना खर्च होता था. चहल के सामने समस्या ये थी कि वो कैसे इतने पैसे इस खेल के लिए जुटा पाएँगे. इसीलिए उन्होंने फैसला लिया की अब वो आगे चेस नहीं खेलेंगे और उन्होंने इस खेल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.

उसके बाद चहल ने क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य बना लिया और क्रिकेट में जी तोड़ मेहनत करना शुरू कर दी. चहल अपनी लाइफ में कभी मेहनत करने से नही चुकते थे और कहते है कि जो मेहनत करता है उसे भगवान जरुर फल देता है. ऐसा ही कुछ हुआ चहल के करियर में.



युज्वेंद्र चहल का टीम इंडिया तक का सफ़र (Yuzvendra Chahal Journey in Cricket)

चहल की ज़िन्दगी में आईपीएल एक बेहतरीन मौका और मोड़ लेकर आया था. चहल को पहली बार 2011 IPL में मुंबई इंडियन ने ख़रीदा था. चहल 2011 के IPL में खेलने का कुछ खास मौका नहीं मिला पूरे आईपीएल में सिर्फ 1 ही मैच में दिखाई दिए. बता दे कि चहल को उल्टे हाथ के स्पिन गेंदबाज़ के तौर पर टीम में लिया गया था. चहल फिर भी हार नहीं मानी और अपने खेल में और सुधार करना शुरू कर दिया. उसी मेहनत की वजह से CHAMPION LEAGUE TWENTY-20 में अपनी टीम की तरफ से सभी मैच खेलने का मौका मिला और जहां उन्हें हरभजन सिंह से एक गेंदबाज़ के तौर पर बहुत कुछ सिखने को मिला.


चहल ने इस लीग के फाइनल में 3 ओवर में 9 रन देकर 2 विकेट लिए थे. और उसका नतीजा ये हुआ की 2014 की आईपीएल नीलामी में ROYAL CHALANGERS BANGLORE ने 10 लाख रुपये में ख़रीदा था. जिसमे उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया.

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उनकी लगातार अच्छी परफॉरमेंस की वजह से उनकी लाइफ में नया मोड़ आया. 2016 में पहली बार ज़िम्बाम्वे के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से खेलने का मौका मिला. इस सीरिज में उन्होंने संतोष पूर्ण खेल दिखाया. 2016 IPL में उन्होंने 21 विकेट चटकाए और भुवनेश्वर कुमार के बाद दुसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने.

जो अपनी मदद करता है भगवान भी उसकी मदद करता है ऐसा ही कुछ चहल के साथ हुआ. भारतीय टीम इतनी सशक्त थी कि उसमे चहल के लिए कहीं जगह नहीं बन पा रही थी. फिर आया एक दिन जब टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेल रही थी. 3 मैचो की टेस्ट की सीरिज के बाद रविन्द्र जडेजा और अश्विन को T20 सीरिज में आराम दे दिया गया और वहीँ उनकी जगह 2 खिलाड़ियों को मौका दिया गया उसमे एक नाम युज्वेंद्र चहल भी था. चहल ने उस मौके का फायदा उठाया और बेहतरीन खेल खेलते हुए भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना नाम अव्वल दर्जे पर लिख दिया.

Yuzvendra Chahal Biography, story, lifestyle

उन्होंने एक लेग स्पिनर के तौर पर T20 इंटरनेशनल में 25 रन देकर 6 विकेट लिए जो T20 का सर्वश्रेष्ट रिकॉर्ड था. उसके बाद चहल का खेल उनका साथ देता रहा और वो फिर नहीं कभी नहीं रुके.

कहते है जो होता है अच्छे के लिए होता हैं जीवन में जो भी कठिनाई आये उसका सामना हँसकर करना चाहिए. उसका एक उदहारण चहल भी है. यदि उस दिन चहल चेस को अलविदा नहीं कहा होता तो आज इंडियन टीम को इतना अच्छा खिलाड़ी नहीं मिलता ।

Randeep Hooda ( रणदीप हुडा ) - जीवनी, Biography, Lifestyle, Girlfriend, Net Worth, Struggle

August 24, 2020 Add Comment

रणदीप हुड्डा जीवनी



रणदीप हुड्डा हिन्‍दी फिल्‍मों के अभिनेता हैं। वे फिल्‍मों में आने से पहले मॉडलिंग और थियेटर में अभिनय करते थे। वह अपने अभिनय की वजह से लोगों के बीच खासा चर्चित हैं। फिल्‍मों के अलावा वे पोलो और शो जंपिंग जैसे खेलों में बराबर प्रतिभाग करते हैं। वह समाजसेवी और ब्‍लॉगर भी हैं।  





पृष्‍ठभूमि
रणदीप हुड्डा का जन्‍म रोहतक, हरियाणा में हुआ था। उनके पिता का नाम डॉ रनबीर हुड्डा है। उनकी मां का नाम आशा हुड्डा है।उनकी एक बड़ी बहन भी हैं जिनका नाम डॉ अंजली हुड्डा सांगवान है। उनका एक छोटा भाई भी है जिसका नाम संदीप हुड्डा है।



पढ़ाई
रणदीप हुड्डा की पढ़ाई मोतीलाल नेहरू स्‍कूल ऑफ स्‍पोटर्स, सोनीपत, हरियाणा से हुई थी। शुरूआती दिनों में उनका खेलों की तरफ काफी रूझान था लेकिन बाद में उन्‍होंने थियेटर और एक्टिंग की तरफ अपनी रूचि विकसित की। उनका दाखिला दिल्‍ली पब्लिक स्‍कूल, आर.के.पुरम, नई दिल्‍ली में भी हुआ था। स्‍कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वे मेलबर्न चले गए जहां से उन्‍होंने मॉर्केटिंग में स्‍नातक की डिग्री प्राप्‍त की और बिजनेस मैनेजमेंट और ह्यूमन रिर्सोस मैनेजमेंट में स्‍नाकोत्‍तर की डिग्री प्राप्‍त की।




करियर
हुड्डा के फिल्‍मी करियर की शुरूआत मीरा नायर की फिल्‍म 'मॉनसून वेडिंग' से हुई थी। मुख्‍य अभिनेता के तौर पर वे राम गोपाल वर्मा की फिल्‍म 'डी' में दिखाई दिए इसके बाद उन्‍होंने कई छोटी-बड़ी फिल्‍मों में काम किया और अपने अभिनय का इंडस्‍ट्री में लोहा मनवाया। फिल्‍म 'वन्‍स अपान ए टाइम इन मुंबई' उनके करियर का टर्निंग प्‍वाइंट रही। इसके बाद भी रणदीप कई फिल्‍मों में अभिनय कर चुके हैं। जन्‍नत 2, मर्डर 3, सरबजीत, बागी 2, सुल्‍तान और किक 2 उनकी बेहतरीन फिल्‍में हैं।



JAT PRIDE : Khasa Aala Chahar - Biography , Wikipedia ,Net Worth

July 29, 2020 Add Comment
" Khasa Aala Chahar " भाई को आज किसी पहचान की जरुरत नही है । किसी गाने मे उनका नाम आना ही गाने का हीट होना तय है
Khasa Aala Chahar भाई का जन्म खासा गाम मे हुआ । इसलिये इन्होंने अपने नाम में " खासा "  word को भी जोड़ लिया । वैसे भाई का असली नाम अभिषेक हैै। 


खासा आला चाहर भाई ने अपनी प्राइमरी शिक्षा गॉंव के ही स्कुल से ही प्राप्त की ।  उसके बाद उन्होने हिसार के एक स्कुल दाखिला ले लिया । फिलहाल वो IGNOU University से Graduation की final Year में है। 


स्कुल के दिनो तक चाहर भाई का Music में कोई Interest नहीं था । college में जाकर इनके कुछ दोस्त  Haryanvi Music Industry के लोगों को जानते थे । यहा जाकर इनका Interest  Music बढने में लगा ।


खासा आला चाहर ने Music Industry में अपना Debut As A writer कीया । बाद मे इन्होंने गाना भी Start किया । इन्होने As A singer शुरुआत FATHER SHAB गाने से किया । जो की super Dooper hit रहा । इस गाने पर आज की तारीख तक 140 million+ views है। ये गाना इन के Carrer में एक Game Changer शाबित हुआ । इसके बाद इन्होने पिछे मुड़कर नहीं देखा । 


अब तो खासा आला चाहर नाम ही एक Brand बन चुका है। किसी गाने में इनका नाम आना ही मतलब गाने पर लाखो views I 



खासा आला चाहर भाई अपना singing Ideal SIDHU MOOSEWALA को मानते हैं । इन्होने अपनी Instagram की Bio में भी लिखा है Astaj जी @sidhu_moosewala  .


खासा आला चाहर भाई के बारे में कुछ बातें :


असली नाम : अभिषेक चाहर

पिता : राजवीर सिंह चाहर

माता : श्रीमती शकुतला देवी

जन्म : 21 अक्तुबर  1998 ( खासा , हिसार )

Age : 22 years ( As Of August 2020 )

Music Industy Debut : हथकढ ( As a writer )

singing Debut : FATHER SAAB ( As a singer)


खासा आला चाहर भाई को अपने दोस्तो से बहुत प्यार करते हैं । उन्हें भाईचारे में बैठना बहुत पसंद है । इसलिए उन्होने अपने दोस्तो के लिए college life गाना भी गाया है। 

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